Advertisement

थरुहट विकास योजना

बिहार में थारु जाति को अनुसूचित जनजाति में वर्ष 2003 में सम्मिलित किया गया है। इस थारु जनजाति के विकास के लिये विशेष रूप से मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया है। वर्ष 2008-09 से ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना के लिये कुल रू0 125 करोड़ की योजना की स्वीकृति दी गयी है। इसके तहत मुख्य रूप से प0 चम्पारण जिला के अनुसूचित जनजाति के लिये 5 बालक एवं 5 बालिका आवासीय उच्च विद्यालय स्थापना की स्वीकृति दी गयी है।

पश्चिम चम्पारण जिला के थारू एवं अन्य अनुसूचित जनजाति के विकास हेतु समेकित थरूहट विकास अभिकरण की स्थापना सोसाईटी रजिस्ट्रेशन अधिनियम,1860 के तहत प0 चम्पारण (बेतिया) जिला में की गयी है।

-->